अशोक सोशल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से श्रीलंका बुद्ध बिहार, अशोक स्तंभ के सौंदर्यीकरण एवं विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का उद्देश्य बुद्ध बिहार एवं अशोक स्तंभ परिसर को और अधिक सुव्यवस्थित, स्वच्छ, आध्यात्मिक तथा आकर्षक बनाना था, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को एक शांत और प्रेरणादायक वातावरण प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर भंते तेज़ वरो कोरिया, भंते नंद रतन, एवं भंते आलोक बृजेश कुशवाहा जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी भंतेजनों ने बुद्ध बिहार के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और सामाजिक उपयोगिता को लेकर अपने बहुमूल्य विचार साझा किए।
बैठक के दौरान निम्न बिंदुओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई:
- श्रीलंका बुद्ध बिहार एवं अशोक स्तंभ परिसर का सौंदर्यीकरण
- स्वच्छता, हरियाली और शांत वातावरण का विकास
- श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं की व्यवस्था
- परिसर को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों का केंद्र बनाना
- भविष्य में समाजसेवा एवं धम्म से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन
भंते तेज़ वरो कोरिया, भंते नंद रतन एवं भंते आलोक बृजेश कुशवाहा जी ने बुद्ध के करुणा, शांति और अहिंसा के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने पर बल दिया तथा अशोक स्तंभ को सामाजिक एकता और धम्म के प्रतीक के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
अशोक सोशल वेलफेयर सोसाइटी इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि श्रीलंका बुद्ध बिहार, अशोक स्तंभ का विकास सम्राट अशोक की लोक-कल्याणकारी नीतियों और भगवान बुद्ध की शिक्षाओं के अनुरूप किया जाए। संस्था भविष्य में भी इस प्रकार के सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी।
यह बैठक समाज, संस्कृति और धम्म के उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में व्यापक सामाजिक लाभ प्रदान करेगी।